How to prepare for UPSC | आईएएस की तैयारी कैसे करें | UPSC Strategy | IAS Preparation strategy in hindi

How to prepare for UPSC : UPSC अर्थात संघ लोक सेवा आयोग भारत के विस्तृत नौकरशाही के सर्वोच्च पद IAS (आई०ए०एस०) हेतु प्रतिवर्ष परीक्षा आयोजित करता है। अर्थात सर्वप्रतिष्ठित आईएएस के पद को प्राप्त करने के लिए अभ्यर्थियों को UPSC द्वारा आयोजित परीक्षा में भाग लेकर उसे उत्तीर्ण करना होता है।

इस उद्देश्य से इसके लिए पूरे भारत से लगभग 10 लाख से अधिक उम्मीदवार आवेदन करते हैं और इस प्रतिष्ठित परीक्षा को देकर उत्तीर्ण होना चाहते हैं। सभी उम्मीदवारों का एकमात्र लक्ष्य होता है आई०ए०एस० (IAS) बनना। चूंकि इस परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए सीटों की संख्या लगभग एक हजार के आस पास ही होती है अतः इतने ही अभ्यर्थी इसमें सफल हो पाते हैं तथा शेष इस परीक्षा के विभिन्न चरणों में छंटते रहते हैं।

How to prepare for IAS | आईएएस की तैयारी कैसे करें ?

हम जानते हैं कि लाखों अभ्यर्थियों ने जिन्होंने इसके लिए आवेदन किया है सभी का सफल हो पाना तो असंभव है क्योंकि इसमें मात्र लगभग एक हजार ही पदों की भर्ती होना होता है। अतः ऐसे में अतिशय Competition देखने को मिलता है।

इस प्रकार इसमें सफल होने के लिए अन्य प्रतिद्वंदियों से हटकर कुछ अलग रणनीति की आवश्यकता होती है और उसका सटीक और व्यवस्थित होना बहुत आवश्यक होता है।

यहां हम इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने के लिए एक UPSC Preparation strategy के बारे में बात करेंगे। अगर आप इसे follow करते हैं तो आपके सफल होने के chances बढ़ जाएंगे। ऐसा एकदम से नहीं कहा जा सकता है कि आप अक्षरसः इसका पालन करें और आप सफल हो जाएंगे किन्तु इसके follow करने से आपके अंदर आत्मविश्वास develop होगा और आप खुद को बेहतर स्थिति में महसूस करेंगे।

UPSC Preparation strategy :

यूपीएससी की परीक्षा (UPSC Exam) दिन प्रतिदिन बहुआयामी होता जा रहा है और कठिनता को प्राप्त हो रहा है। IAS की परीक्षा को आसानी से clear नहीं किया जा सकता है क्योंकि UPSC syllabus इतना विशाल है और इसकी अनिश्चितता इतनी अधिक है कि अभ्यर्थियों द्वारा इसका अनुमान नहीं लगाया जा सकता है।

ऐसे में कोई भी अभ्यर्थी किताबी कीड़ा बनकर इस परीक्षा को बिल्कुल भी पास नहीं कर सकता है।

इस परीक्षा की रणनीति को समझने के पूर्व इसके परीक्षा पैटर्न (UPSC Exam pattern) को थोड़ा सा समझ लेना आवश्यक है।

UPSC Exam pattern :

UPSC IAS की परीक्षा तीन चरणों मे सम्पन्न होती है जो upsc prelims , UPSC mains और upsc interview (Personality test) के रूप में होता है। जिसे सामान्यतः प्रारम्भिक परीक्षा , मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार कहा जाता है।

परीक्षा हेतु आवेदन करने से लेकर ये तीनों चरण सम्पन्न होने के बाद UPSC Final result आने तक लगभग 2 साल बीत जाता है। इस प्रकार इसके परीक्षा की अवधि लगभग 1.5 वर्ष तक की होती है। आईये इसके विभिन्न चरणों को देखते हैं―

1. UPSC Prelims | यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा

यूपीएससी आईएएस (UPSC IAS) के लिए आवेदन के बाद यह सबसे पहला चरण है जिसके अंतर्गत 2 exam होते हैं। जिनमे एक सामान्य अध्ययन (General studies) का होता है तथा दूसरा CSAT की परीक्षा होती है।

यह परीक्षा वस्तुनिष्ठ प्रकार (Objective type) होती है। इसमें UPSC Prelims General studies paper में 100 प्रश्न होते हैं जो 200 अंकों के होते हैं वहीं दूसरे पेपर UPSC Prelims CSAT में प्रश्नों की संख्या 80 रहती है तथा यह भी 200 अंको का रहता है।

बता दें कि CSAT एक प्रकार का Qualifying paper होता है। Prelims का कट-ऑफ (Prelims Cut-off) General studies paper के आधार पर निर्धारित होता है।

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2. UPSC Mains : UPSC Mains exam pattern

UPSC IAS की परीक्षा के प्रथम चरण प्रारम्भिक परीक्षा के बाद दूसरा चरण मुख्य परीक्षा (UPSC MAINS EXAM) का होता है। यह एक प्रकार की लिखित परीक्षा होती है जिसमे प्रश्नों का उत्तर अपने शब्दों में उत्तर पुस्तिका में लिखना होता है। प्रत्येक प्रश्न को कितने शब्दों में लिखना होता है उसके शब्दों की संख्या निर्धारित होती है उसी के अंदर प्रश्न का उत्तर देना होता है।

बता दें कि UPSC परीक्षा के इस चरण में कुल मिलाकर 9 पेपर होते हैं। इसमें 4 general studies के पेपर होते हैं , 2 पेपर वैकल्पिक विषय के होते हैं , 1 पेपर निबंध का होता है , 1 पेपर भारतीय भाषा का होता है तथा 1 पेपर अंग्रेजी भाषा का होता है। 

इनमें से English और Indian language का पेपर 300 अंको का होता है शेष 7 papers 250 अंको का होता है। इन्ही 7 पेपर्स में प्राप्त किए हुए अंको के योग के आधार पर ही अभ्यर्थी UPSC Mains Qualify करके अगले चरण साक्षात्कार (Interview) के लिए योग्य होता है। 

3. UPSC Interview :

यह यूपीएससी (UPSC) का फाइनल चरण होता है। यह एक प्रकार का साक्षात्कार होता है इसमें मुख्यतः पर्सनालिटी टेस्ट किया जाता है। इसके लिए यूपीएससी आयोग द्वारा एक बेंच निर्धारित की जाती है जोकि अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लेता है।

यूपीएससी परीक्षा का यह चरण 250 अंक का होता है जिसके अंक Mains के साथ जोड़कर फाइनल रिजल्ट जारी निर्धारित किया जाता है।

इस प्रकार हम देखते हैं कि यूपीएससी आईएएस की परीक्षा एक दीर्घकालिक चलने वाली बहुचरणीय परीक्षा होती है। इसकी अनिश्चितता ही इस परीक्षा को भारत की सबसे कठिन परीक्षा बनाती है और यह परीक्षा भारत के सबसे प्रतिष्ठित पद आईएएस (IAS) के चयन के लिए आयोजित की जाती है।

 UPSC Strategy : यूपीएससी स्ट्रेटेजी

अभी तक हम यूपीएससी के परीक्षा पैटर्न को समझकर यह अनुमान कर चुके हैं कि इस परीक्षा को पास करने के लिए एक विशेष प्रकार की रणनीति की आवश्यकता होती है। क्योंकि दिन प्रतिदिन बढ़ता हुआ कंपटीशन और अभ्यर्थियों में IAS के पद के प्रति आकर्षण ही इसके लिए एक सटीक तैयारी की मांग करता है।

इसके लिए हम नीचे आपको कुछ ऐसे points बताने जा रहे हैं जिसे आप अपनी तैयारी में apply कर सकते हैं–

1. Syllabus को अच्छी तरह समझें : How to prepare for UPSC

परीक्षा को उत्तीर्ण करने के लिए उसके सिलेबस की समझ होना आवश्यक है। इसी प्रकार UPSC IAS की परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए भी इसके Syllabus को अच्छे से समझना आवश्यक है।

इसके लिए आप अपने study table पर syllabus को अपने साथ जरूर रखें और उसे दिन भर में कई बार देखें।

Syllabus को अच्छे से समझ लेने से पहली बात तो आप फालतू की चीजों को पढ़ने से बच जाएंगे जो आपके बिल्कुल भी काम की नहीं है और दूसरी बात की आपको उस विषय के किसी भी topic से content इकट्ठे करने में आसानी होगी।

2. Previous year papers को देखें :

अगर आप यूपीएससी की परीक्षा सहजता से उत्तीर्ण करना चाहते हैं तो इसके prelims और Mains दोनों की प्रीवियस ईयर पेपर्स (Previous year papers) को अच्छे से देखें और समझने का प्रयास करें।

Previous year question papers को आत्मसात करने से आप यह अनुभव कर पाएंगे कि paper का momentum क्या है और कौन सा topic important है तथा कौन सा टॉपिक important नहीं है। यह समझना इस परीक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि upsc syllabus इतना विस्तृत है कि इसे smartly कवर करना बहुत जरूरी है।

3. किताबों का चयन करें : UPSC BOOKLIST

UPSC Prelims और mains दोनों चरण में गहन अध्ययन की आवश्यकता होती है। अध्ययन प्रमाणिक होना चाहिए और प्रत्येक concept clear होते हुए मस्तिष्क में एक अवधारणा बननी चाहिए। इसके लिए एक standard level की booklist होना चाहिए जिसके साथ आप शुरू से अंत तक जुड़े हुए रह सकें।

UPSC prelims booklist और UPSC Mains Booklist दोनों लगभग समान होती हैं अतः आप इसका चयन एक बार कर लें तो इसे prelims से लेकर फाइनल सेलेक्शन तक इसके साथ ही बने रहें।

किताबों के चयन में एक बात यह ध्यान रखना चाहिए कि कम से कम किताबें पढ़नी चाहिए जिससे सभी topics clear हो रहे हों। और उसे अधिकतम बार रिवीजन करें। अतः Minimum Sources and Maximum learning  के फार्मूले के साथ तैयारी करनी चाहिए।

4. UPSC Prelims और UPSC Mains दोनों की तैयारी एक साथ करें :

ध्यान से UPSC Syllabus को देखने पर यह पता चलता है कि सामान्यतः UPSC Prelims और UPSC mains दोनों का syllabus थोड़े बहुत अंतर को छोड़ दें तो कमोबेश एक जैसा ही है। ऐसे में हमें दोनों चरण के लिए एक Combined way में Discriptive अध्ययन करना चाहिए।

इससे एक तो आपका समय बचेगा दूसरी बात कि दिन प्रतिदिन UPSC PRELIMS भी अवधारणात्मक होने से आपको निश्चित ही फायदा मिलेगा।

5. सभी विषयों के notes बनाएं :

Notes making तो लगभग सभी परीक्षाओं में महत्वपूर्ण होता है क्योंकि किताबें इतनी विस्तृत होती हैं जिन्हें कम से कम समय मे Revise नहीं किया जा सकता है। इसी लिए notes की आवश्यकता हमें पड़ती है कि हम किसी भी विषय को कम से कम समय में उसे बार बार Revise कर सकें।

Notes के संदर्भ में Upsc toppers का कहना है कि notes बहुत संक्षिप्त होने चाहिए और उसे key points , Flow chart , Diagram या short description के रूप में बनाकर सारे topics complete कर लेने चाहिए। इससे काफी मदद मिलती है।

6. तैयारी को नियमित रखें :

UPSC की तैयारी का दौर एक लंबे समय का दौर होता है। इसके रास्ते मे आपको बहुत बात उतार चढ़ाव देखने को मिलेंगे। इसलिए जब भी तैयारी की शुरुआत करें एक अच्छे माइंडसेट के साथ तैयारी में उतरें और अपनी तैयारी को नियमित रखें।

तैयारी को नियमित रखने का सीधा सा अभिप्राय है कि कैसी भी भी परिस्थिति हो आप अपने अध्ययन के प्रति हमेशा ईमानदार रहेंगे और प्रतिदिन पढ़ें। अगर परिस्थितियां काफी प्रतिकूल हैं तो अपने समय मे थोड़ा कमी कर सकते हैं किंतु आप पढ़ाई अवश्य करें।

और इसके अतिरिक्त अपनी तैयारी की पूरी journey को एक व्यवस्थित तरीके से निरंतर UPSC की दिशा में बनाये रखें।

7. Self study महत्वपूर्ण :

किसी भी परीक्षा खासकर UPSC हेतु Selfstudy काफी महत्वपूर्ण होती है। भले ही आप Coaching join किये हुए हों किन्तु अगर आप अपने आवास पर स्वाध्ययन अर्थात Self study नहीं करते हैं तो आपके सफल होने के chance न के बराबर हैं।

वहीं दूसरी ओर ऐसा भी हर साल देखा जाता है कि सैकड़ों अभ्यर्थी बिना coaching के Self study के दम पर ही न केवल UPSC Exam क्वालीफाई करते हैं बल्कि शीर्ष रैंक भी हासिल करते हैं।

इस प्रकार लम्बे समय तक Table पर बैठ कर Self study की आदत प्रत्येक अभ्यर्थी को होनी चाहिए। इससे आपकी सफलता के chances काफी हद तक बढ़ जाते हैं।

8. Answer writting का अभ्यास करें :

हम ऊपर बता चुके हैं कि जहां upsc prelims एक objective type exam होता है वहीं upsc mains एक लिखित परीक्षा होती है।

साथ ही ऊपर हमने UPSC PRELIMS और MAINS को Combined way में तैयारी करने का सुझाव दिया है। अगर आप fresher हैं तो सबसे पहले एक बार अपना Syllabus पूरा अध्ययन कर लें तो Answer writting की ओर जाएं। किन्तु अगर आपने कम से कम एक attempt दिया है तो इसका आशय कि अपने पूरा Syllabus आत्मसात कर लिया है। ऐसे में आपको अपनी तैयारी के दौरान अच्छे से Answer writing की practice करनी चाहिए।

Answer writting के बाद आप अपनी कमजोरियों और अपने मजबूत पक्ष को आसानी से ढूंढने में सफल हो जाएंगे। इसके बाद आप अपनी कमजोरियों पर अच्छी तरह काम करिए और रिवीजन करते रहें।

9. Exam के पहले Test series join करें :

ऐसा कोशिश करें कि exam के कम से कम एक महीना पहले अपने Syllabus को पूरी तरह cover कर लें। prelims व mains दोनो परीक्षा के एक महीना पहले से आप कोई भी test series join कर लें। इससे आपकी practice भी होती रहेगी और आपकी mentality भी UPSC paper को solve करने की हो जाएगी।

इसके अलावा आप time management भी आसानी से कर सकेंगे। अर्थात tests से आपको यह अनुभव होगा कि आपको किस segment पर कितना समय देना है और किस segment को छोड़ देना है। क्योंकि प्रश्नों को छोड़ना एक अच्छा गुण है क्योंकि अगर आप जिद वश पूरे प्रश्न हल करने की कोशिश करेंगे तो आपके अधिक प्रश्न गलत होने की संभावना रहेगी।

इस प्रकार test series join करने के काफी ज्यादा फायदे हैं आप इसे करने से बिल्कुल भी न चूकें।

10. Motivated रहें :

हमने बताया कि तैयारी के दौरान बहुत से उतार चढ़ाव के moments आपको देखने को मिलेंगे। ऐसा भी आपको महसूस होगा कि आपको कुछ नहीं आता है और आपको इसकी तैयारी छोड़ देना चाहिए।

किन्तु ऐसे भी समय मे आपको खुद को हमेशा motivated रखना है और हमेशा आगे की ओर बढ़ना है।

Motivated रखने के लिए आप महापुरुषों की life stories पढ़ सकते हैं। इसके अलावा आप motivation के लिए आप अपने family से बात कर सकते हैं।

ऐसा करने से आप अपनी तैयारी में निरंतरता बनाये रखेंगे और यही निरंतरता आपको आपके मंजिल तक अवश्य पहुँचाएगी।

इस प्रकार हमने आज UPSC Preparation strategy के बारे में कुछ बातें जानी। इसके आगे भी हम UPSC IAS exam के अनेक पहलुओं पर बात करते रहेंगे। इसके लिए आप हमारी इस website से जुड़े रहें और अगर आपको ऊपर दी गयी जानकारी अच्छी लगी हो तो अपने मित्रों के बीच इसे अवश्य share करें।

आप इस article के key points को note कर सकते हैं और आप उसे अपने तैयारी जीवन मे अपनाने के प्रयास करें।

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