प्राचीन भारत के ऐतिहासिक पुरास्थल | 5 important Historical Sites of Ancient India in hindi | Ancient sites in hindi

अतरंजीखेड़ा (उत्तर प्रदेश में एटा जनपद में स्थित Historical sites) से गैरिक मृद्भाण्ड संस्कृति से लेकर गुप्त युग तक के अवशेष प्राप्त हुए हैं। अधिकांश अवशेष चित्रित धूसर मृद्भाण्ड संस्कृति से सम्बद्ध हैं।

क्या प्राचीन भारत में इतिहास लेखन दृष्टिकोण का अभाव था ? | Historical sense in ancient indians in hindi | Best information UPSC

डॉ० आर०सी० मजूमदार का मत है: “इतिहास लेखन के प्रति भारतीयों की विमुखता भारतीय संस्कृति का भारी दोष है। इसका कारण बताना सरल नहीं है। भारतीयों ने साहित्य की अनेक शाखाओं से सम्बन्ध स्थापित किया और उनमें से कई विषयों में विशिष्टता भी प्राप्त की, किन्तु फिर भी उन्होंने कभी गम्भीरतापूर्वक इतिहास लेखन की ओर ध्यान नहीं दिया।” Historical sense in ancient indians

Muhammad gori | मुहम्मद गोरी का भारत पर आक्रमण | मुहम्मद गोरी का इतिहास | History of Muhammad gori | Muhammad gori invasion in hindi

मुईजुद्दीन मुहम्मद बिन साम, जिसे सामान्यतया मुहम्मद गोरी (Muhammad gori) के नाम से जाना जाता है। उसके पिता का नाम बहाउद्दीन साम था। वह ‘गोर’ प्रदेश के शंसबानी वंश से सम्बन्धित था। ‘गोर’ राज्य गज़नी और हेरात के बीच पहाड़ियों पर स्थित था, जो आधुनिक अफ़गानिस्तान का पश्चिम-मध्यभाग था। 1009 ई० में गज़नी के शासक महमूद गज़नवी ने ‘गोर’ प्रदेश पर विजय प्राप्त कर ली और इसकों अधीनस्थ साम्राज्यवादी राज्य बना दिया।

UPSC Syllabus | UPSC Syllabus in hindi | UPSC Prelims syllabus in hindi | UPSC Mains syllabus in hindi

UPSC Syllabus : हम जानते हैं कि UPSC IAS की परीक्षा देश की सर्वप्रतिष्ठित परीक्षा है। UPSC की परीक्षा के लिए देश के लाखों युवा अभ्यर्थी आवेदन करते हैं। किंतु लाखों में से कुछ ही (लगभग 1000) अभ्यर्थी Select होते हैं। इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थी देश के विभिन्न प्रशासनिक पदों पर नियुक्त … Read more

महमूद गजनवी का सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण | Invasion of Mahmud gazanavi in 1025-26 | Somnath mandir par akraman

Invasion of Mahmud gazanavi : महमूद गजनवी भारत पर अनेकों बार (लगभग 17 बार) आक्रमण किया तथा भारत से विपुल धन संपदा लूट कर ले गया। महमूद ग़जनवी के आक्रमण और महमूद के आक्रमण के भारत पर प्रभाव के बारे में हम पिछले लेखों में बात कर चुके हैं। जिसे आप नीचे दी गयी लिंक से … Read more

महमूद गज़नवी के आक्रमण का भारत पर प्रभाव | Mahmood gazanavi ke akraman ke prabhav | Invasion of mahmud ghazni upsc

महमूद गजनवी एक तुर्क आक्रमणकारी था जिसने भारत पर कुल 17 बार आक्रमण किया। था महमूद गज़नवी के आक्रमण के विषय में हम पिछले लेख में विस्तार से बता चुके हैं आप इस लेख को पढ़ने के पूर्व उसे पढ़ लें क्योंकि यहां पर हम महमूद गज़नवी के आक्रमण के प्रभाव (Mahmood gazanavi ke akraman ke prabhav) के बारे में बात करेंगे। 

Historical sources: प्राचीन भारतीय इतिहास के साहित्यिक स्रोत के रूप में जैन साहित्य का महत्व | Jain texts as a historical sources

 प्राचीन भारतीय इतिहास के ऐतिहासिक स्रोत (historical sources) के रूप में साहित्यिक स्रोत , पुरातात्विक स्रोत तथा विदेशी विवरण तीनों का सामान योगदान कहा जा सकता है। हम जानते हैं कि साहित्यिक स्रोत के अंतर्गत दो प्रकार के साहित्य आते हैं- 1. धार्मिक साहित्य ; 2. धर्मेत्तर साहित्य। धार्मिक साहित्य के अंतर्गत प्राचीन भारत के … Read more

Bauddha granth Aitihasik srot | प्राचीन भारतीय इतिहास के साहित्यिक स्रोत के रूप में बौद्ध साहित्य का महत्व | बौद्ध ग्रंथ : ऐतिहासिक स्रोत

ब्राह्मण ग्रन्थों के समान ही भारतीय इतिहास के साधन के रूप में बौद्ध साहित्य का विशेष महत्व है। सबसे प्राचीन बौद्ध ग्रन्थ त्रिपिटक हैं। इनके नाम हैं-सुत्तपिटक, विनयपिटक और अभिधम्मपिटक।  Bauddha granth Aitihasik srot

बोगजकोई अभिलेख | Bogaj koi inscription in hindi | Bogajkoi abhilekh | बोगजकोई अभिलेख की खोज | important for upsc

Bogajkoi abhilekh: बोगजकोई एशिया माइनर (वर्तमान-तुर्की) का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। बोगजकोई की महत्ता इसलिए है कि इसी स्थान से विश्व का प्राचीनतम अभिलेख प्राप्त हुआ था जिसे इतिहास में बोगजकोई अभिलेख (Bogajkoi inscription) के नाम से जाता है। यह अभिलेख विश्व का प्राचीनतम अभिलेख इसलिए है कि इसे विद्वानों ने 1400 ई०पू० का … Read more

भारतीय संविधान का प्रारूप | Draft of Indian Constitution in hindi | प्रारूप समिति | भारतीय संविधान की प्रारूप समिति

जब भारतीय संविधान का निर्माण प्रारम्भ हुआ था तो बहुत सी प्रक्रियाओं के बाद इसके प्रारूप तैयार करने की बारी आई। प्रारूप तैयार करने के लिए एक 7 सदस्यीय प्रारूप समिति का गठन किया गया। इसके सदस्य- डॉ० भीमराव अम्बेडकर (अध्यक्ष), एन. गोपालस्वामी आयंगर, के.एम. मुंशी, अल्लादी कृष्णास्वामी अय्यर, सैयद मो. सादुल्ला, बी.एल. मित्र तथा डी. पी. खेतान थे। Draft of Indian Constitution in hindi

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