Bauddha dharma ka prabhav | बौद्ध धर्म का प्रभाव | Bauddh dharm ka mahatva | बौद्ध धर्म का महत्व

Bauddha dharma ka prabhav : एक संगठित धर्म के रूप में लुप्त होने के बावजूद, बौद्ध धर्म ने भारतीय समाज और अर्थव्यवस्था पर अपना प्रभाव छोड़ा। ई.पू. 500 के आस-पास बौद्धों ने उत्तर-पश्चिम के लोगों की समस्याओं के बारे में गहरी जागरूकता दिखाई। लोहे के हल से की जाने वाली खेती, व्यापार, और सिक्कों के … Read more

9 important historical sites of ancient india | प्राचीन भारत के ऐतिहासिक स्थल

important historical sites of ancient india : प्राचीन भारत के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल और उनका महत्व नीचे दिया गया है। इन ऐतिहासिक स्थलों से जुड़े प्रश्न राज्य व केंद्र की एकदिवसीय व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। इनके विवरण निम्नलिखित हैं- प्राचीन भारत के ऐतिहासिक पुरास्थल : अतरंजीखेड़ा – important historical sites of … Read more

Koshal mahajanapad | कोशल महाजनपद | छठी सदी ई०पू० का कोशल महाजनपद | For UPSC

कोशल महाजनपद

Koshal mahajanapad : छठीं शताब्दी ईसा पूर्व के आते-आते हमें भारत की राजनीति में महाजनपदों का अस्तित्व दिखाई देता है। इन महाजनपदों की संख्या 16 (16 महाजनपद) थी जोकि पूरे उत्तर भारत, दक्षिण भारत तथा पश्चिमोत्तर भारत में फैले हुए थे किंतु ये अधिकांशतः उत्तर भारत में विद्यमान थे। ऐसा प्रतीत होता है कि सोलह … Read more

Ajatashatru | अजातशत्रु | अजातशत्रु का इतिहास (492 ई०पू०–460 ई०पू०)

बिम्बिसार के पश्चात् उसका पुत्र ‘कुणिक’ अजातशत्रु (Ajatashatru) मगध का शासक हुआ। वह अपने पिता के ही समान साम्राज्यवादी था। अजातशत्रु (लगभग 492-460 ईसा पूर्व) के शासनकाल में मगध साम्राज्यवाद का चर्मोत्कर्ष हुआ और वह राजनीतिक सत्ता के शीर्ष पर पहुँच गया। प्रो० रायचौधरी के शब्दों में, “उसका शासन काल हर्यक वंश का चर्मोत्कर्ष काल … Read more

Bimbisar | बिम्बिसार | बिम्बिसार की उपलब्धियां | Achievements of Bimbisara | बिंबिसार का इतिहास (545 ई.पू.-492 ई.पू.)

हर्यंक वंश के लोग नाग वंश की एक उपशाखा थे। जिसका संस्थापक बिम्बिसार (Bimbisar) था। इसे ही मगध साम्राज्य का वास्तविक संस्थापक कहा जाता था। डी.आर. भण्डारकर के अनुसार बिम्बिसार प्रारम्भ में लिच्छिवियों का सेनापति था। सुतनिपात में लिच्छिवियों के नगर, वैशाली को मगधमपुरम कहा गया है। जैन साहित्य में बिम्बिसार का नाम ‘श्रेणिक’ मिलता … Read more

Neolithic period | नवपाषाण काल | नवपाषाण कालीन संस्कृति | Navpashan kaal

नवपाषाण काल (Neolithic period) का मानव की भौतिक प्रगति के इतिहास में महत्त्वपूर्ण स्थान है। इस काल में कृषि एवं पशुपालन सर्वप्रथम प्रारम्भ हुए। वे मानव समाज जो आखेट एवं संचय की अर्थव्यवस्था से आगे नहीं बढ़ पाए, वे सभ्यता का विकास नहीं कर सके। कास्य काल की सभ्यताओं के उदय एवं विकास के लिए … Read more

Haryak vansh ka itihas | हर्यक वंश | बिम्बिसार | Haryanka dynasty | अजातशत्रु

हर्यक वंश (Haryak vansh) के पहले मगध का इतिहास बहुत स्पष्ट नहीं है। मगध का उल्लेख पहली बार अथर्ववेद में मिलता है। ऋग्वेद में यद्यपि मगध का उल्लेख नहीं मिलता, तथापि कीकट (किराट) नामक जाति और इसके शासक प्रमगंद का उल्लेख मिलता है। इसकी पहचान मगध से की गई है। मागध और व्रात्यों का उल्लेख … Read more

Magadh samrajya ka uday aur vikas | मगध साम्राज्य का उदय और विकास | हर्यंक वंश , शिशुनाग वंश , नंद वंश

बुद्ध के समकालीन और हर्यंक वंश के बिम्बिसार के नेतृत्व में मगध प्रमुखता से उभर कर आया। उन्होंने आक्रामकता और विजय की नीति अपनाई, जो अशोक के कलिंग युद्ध के साथ समाप्त हुई। Magadh samrajya ka uday aur vikas

10 Republics of ancient india | 10 गणराज्य | प्राचीन भारत के 10 गणराज्य | 10 ganrajya | बुद्धकालीन भारत के दस गणराज्य

10 गणराज्य

छठी शातब्दी ईसा पूर्व के सोलह महाजनपदों के अतिरिक्त कुछ गणराज्य थे जिनकी संख्या बौद्ध साहित्य में दस बतलाई जाती है। यही प्राचीन भारत के 10 गणराज्य के रूप में जाने जाते हैं। इनका विशद विवेचन सर्वप्रथम रीजडेविड्स ने किया है।
10 republics of ancient india

Harappan civilization in hindi | हड़प्पा सभ्यता पर मेसोपोटामिया की सभ्यता का प्रभाव

Harappan civilization in hindi : न केवल कई विदेशी विद्वानों बल्कि कुछ भारतीय विद्वानों और इतिहासकारों के द्वारा इस बात का दावा किया जाता रहा है कि भारत की प्राचीनतम हड़प्पा सभ्यता मेसोपोटामिया सभ्यता के लोगों द्वारा बसाई गयी है। उन्होंने इस संदर्भ में कई तथ्य बताए हैं जिसमें इन दोनों सभ्यताओं की समानताओं के … Read more

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