Equality in Indian constitution | भारतीय संविधान में समानता | समानता का अधिकार

समानता (Equality in Indian constitution) : लोकतंत्र का मूलमंत्र होता है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्री, मुख्यमंत्री, सार्वजनिक पदाधिकारी, साधारण नागरिक, कानून के समक्ष सब समान होते हैं। वे सब देश के साधारण न्यायालयों व कानून के अधीन हैं। इसी को कानून के समक्ष समानता कहा जाता है जो विधि के शासन का एक अंग है। प्रस्तावना … Read more

Mountbatten plan | माउंटबेटन योजना | माउंटबेटन योजना के प्रावधान | Mount betan yojana

Mountbatten plan : कैबिनेट मिशन योजना के तहत पं. जवाहर लाल नेहरू को अन्तरिम सरकार हेतु आमंत्रित किये जाने के विरोध में मुस्लिम लीग ने 16 अगस्त 1946 को ‘प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस’ मनाया; जिससे पूरे देश में भीषण साम्प्रदायिक दंगे हुए। बाद में अन्तरिम सरकार में शामिल होकर उसने गतिरोध उत्पन्न किया तथा संविधान सभा … Read more

भारत शासन अधिनियम 1935 | Government of India Act 1935 | Best for UPSC

भारत के वर्तमान संविधान का प्रमुख स्रोत भारत शासन अधिनियम 1935 को कहा जा सकता है क्योंकि भारत शासन अधिनियम 1935 और वर्तमान भारतीय संविधान में काफी हद तक समानता देखी जा सकती है। 1919 के संवैधानिक सुधारों की समीक्षा करने के लिये सरकार ने 1927 में एक आयोग स्थापित किया जिसे साइमन आयोग कहते … Read more

भारतीय संविधान का प्रारूप | Draft of Indian Constitution in hindi | प्रारूप समिति | भारतीय संविधान की प्रारूप समिति

जब भारतीय संविधान का निर्माण प्रारम्भ हुआ था तो बहुत सी प्रक्रियाओं के बाद इसके प्रारूप तैयार करने की बारी आई। प्रारूप तैयार करने के लिए एक 7 सदस्यीय प्रारूप समिति का गठन किया गया। इसके सदस्य- डॉ० भीमराव अम्बेडकर (अध्यक्ष), एन. गोपालस्वामी आयंगर, के.एम. मुंशी, अल्लादी कृष्णास्वामी अय्यर, सैयद मो. सादुल्ला, बी.एल. मित्र तथा डी. पी. खेतान थे। Draft of Indian Constitution in hindi

रेग्युलेटिंग एक्ट 1773 | Regulating act 1773 in hindi | रेग्युलेटिंग एक्ट 1773 की पृष्ठभूमि , उद्देश्य , प्रावधान , महत्व आदि।

 रेग्युलेटिंग एक्ट 1773 ब्रिटिश संसद द्वारा पारित किया गया एक ऐसा अधिनियम था जिसके माध्यम से ब्रिटिश सरकार द्वारा भारत भेजी गई ईस्ट इंडिया कंपनी की गतिविधियों पर नियंत्रण स्थापित करने के प्रयास आरंभ किये गए।  रेग्युलेटिंग एक्ट 1773 (Regulating act 1773) 1773 का यह अधिनियम भारतीय संविधान के विकास की प्रारंभिक सीढ़ी माना जाता … Read more

भारत का संवैधानिक विकास (भाग-2) | Constitutional Development of India in hindi | भारतीय संविधान

 यह भारत के संवैधानिक विकास का दूसरा भाग है। इसके अंतर्गत हम ब्रिटिश क्राउन के प्रत्यक्ष शासन के अधीन संवैधानिक विकास (चार्टर एक्ट 1853 के बाद के अधिनियम 1858 से लेकर भारत स्वतंत्रता अधिनियम 1947 तक) की बात करेंगे।  पिछले लेख में हमने ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना , रेग्युलेटिंग एक्ट 1773 से लेकर चार्टर … Read more

भारतीय संविधान की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि (भाग-1) | Historical background of Indian constitution in hindi | भारतीय संविधान

 भारत का संविधान (Constitution of india) एक दिन की उपज न होकर वर्षों के अनुभव का प्रकाश पुंज है। इसकी जड़ें स्वतंत्रता के वट वृक्ष की जड़ों से जकड़ी हुई है। इसका इतिहास ईस्ट इण्डिया कंपनी की स्थापना के साथ प्रारम्भ और अंत सन् 1950 में होता है। भारत का संवैधानिक विकास (Indian Constitution Development)- Part:1 … Read more

प्रस्तावना संविधान का भाग है या नहीं | Is the Preamble a part of the Constitution or not?

  पिछले लेख में हमने भारतीय संविधान की प्रस्तावना को जानने का प्रयास किया और साथ ही उससे जुड़ी अधिकाधिक बातों की चर्चा की गई है। आप इस लेख को पढ़ने के पूर्व या उपरांत पिछले लेख को अवश्य पढ़ लें। पिछला लेख : ● प्रस्तावना क्या है? व भारतीय संविधान की प्रस्तावना यहां आज हम … Read more

प्रस्तावना (Preamble) | भारतीय संविधान की प्रस्तावना | Preamble of indian constitution

 प्रस्तावना क्या है ? What is Preamble प्रत्येक संविधान के प्रारम्भ में सामान्यतया एक प्रस्तावना या उद्देशिका (Preamble) होती है जिसके द्वारा संविधान में मूल उद्देश्यों व लक्ष्यों व दर्शन को स्पष्ट किया जाता है।  इस प्रस्तावना का मुख्य प्रयोजन संविधान निर्माताओं के विचारों तथा उद्देश्यों को स्पष्ट करना होता है जिससे संविधान की क्रियान्विति … Read more

Samvidhan kitne prakar ke hote hain | संविधान कितने प्रकार के होते हैं | Classification of constitutions in Hindi

संकलन के आधार पर संविधान का वर्गीकरण दो भागों में किया जा सकता है- पहला लिखित संविधान तथा दूसरा अलिखित संविधान। लिखित संविधान को व्याख्यायित करें तो वह संविधान जो अधिकांश का अथवा पूर्ण रूप से लिखा गया हो तथा लिखित रूप में विद्यमान हो उसे लिखित संविधान कहते हैं। Samvidhan kitne prakar ke hote hain

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