सिन्धु घाटी सभ्यता के पुरास्थल | 2 important Sites of indus valley civilization (Part 3) | हड़प्पा(Harappa) | मोहनजोदड़ो (Mohenjodaro)

Sites of indus valley civilization के इस पोस्ट में हम हड़प्पा और मोहनजोदड़ो के विषय मे पूरी जानकारी प्राप्त करेंगे। सिन्धु सभ्यता का प्रथम पुरास्थल ‘हड़प्पा’ है।
हड़प्पा पाकिस्तान के साहीवाल जिले में स्थित है। हड़प्पा पुरास्थल सम्प्रति रावी नदी से नौ किलोमीटर दूर स्थित है ।

हड़प्पा सभ्यता के प्रमुख पुरास्थल | Important sites of harappan civilization (Part 2) | रोपड़ , भगवानपुरा , कालीबंगन , लोथल , सुरकोटदा , धौलावीरा , देसलपुर , कुंतासी , रोजदी , दैमाबाद , हुलास , आलमगीरपुर , माण्डा , सिनौली

हम यहाँ हड़प्पा सभ्यता के प्रमुख पुरास्थल (sites of harappan civilization) रोपड़ , भगवानपुरा , कालीबंगन , लोथल , सुरकोटदा , धौलावीरा , देसलपुर , कुंतासी , रोजदी , दैमाबाद , हुलास , आलमगीरपुर , माण्डा , सिनौली के विषय में विचार करेंगे।

हड़प्पा सभ्यता के पुरास्थल | 7 Important sites of harappan civilization in hindi | (Part 1) चन्हूदड़ो, सुतकागेंडोर, बालाकोट, अल्लाहदीनो, कोटदीजी, माण्डा, बनावली

हड़प्पा सभ्यता के पुरास्थल – इस सभ्यता के पुरास्थलों में सबसे प्रथम उत्खनन हड़प्पा नामक पुरास्थल का किया गया इसलिए इस सभ्यता को सिन्धु घाटी सभ्यता अथवा सिन्धु सरस्वती सभ्यता कहने के बजाय हड़प्पा सभ्यता कहा जाता है।

यह सभ्यता विकसित होने के साथ साथ विस्तृत भी कम न थी। इसका विस्तार उत्तर में मांडा(J&K) से लेकर दक्षिण में दैमाबाद(महाराष्ट्र) तथा पश्चिम में सुतकागेंडोर(बलूचिस्तान) से लेकर पूर्व में आलमगीरपुर(मेरठ) तक  था।
इस प्रकार यह एक त्रिभुजाकार क्षेत्रफल का निर्माण करती थी जिसका क्षेत्रफल 1299600 वर्ग किमी है

हड़प्पा सभ्यता | सिंधु घाटी सभ्यता | Characteristics of Indus valley civilization | सिन्धु घाटी सभ्यता की विशेषताएं | Harappan civilization in hindi

हड़प्पा सभ्यता (Harappan civilization) न केवल भारत की बल्कि विश्व की विशालतम सभ्यता थी। यह भारत की प्रथम नगरीय सभ्यता थी। इस सभ्यता की अनेकों मूलभूत विशेषताएं थीं जिसका क्रमवार वर्णन निम्नलिखित है। सिन्धु घाटी सभ्यता / हड़प्पा सभ्यता : (Harappan civilization)   जैसा कि हड़प्पा सभ्यता की उत्पत्ति, हड़प्पा सभ्यता का विस्तार का विस्तृत वर्णन … Read more

Hadappa sabhyta ka vistar | हड़प्पा/सिंधु घाटी सभ्यता का विस्तार | Expansion of indus valley civilization in hindi

हडप्पा सभ्यता का विस्तार (Hadappa sabhyta ka vistar) उत्तर में माण्डा (जम्मू) से लेकर दक्षिण में दैमाबाद (उत्तरी महाराष्ट्र) तक और पूर्व में आलमगीरपुर (पश्चिमी उत्तर प्रदेश) से लेकर पश्चिम में सुत्कागेंडोर (बलुचिस्तान) तक है। दूसरे शब्दों में, सिन्धु सभ्यता की उत्तरी सीमा मांडा, दक्षिणी सीमा दैमाबाद, पूर्वी सीमा आलमगीरपुर एवं पश्चिमी सीमा सुत्कागेंडोर है। यह समूचा क्षेत्र त्रिभुज के आकार का है जिसका शीर्ष पश्चिम में तथा आधार पूर्व में उत्तर-दक्षिण की दिशा में है।

Origin of harappan civilization (हड़प्पा सभ्यता का उद्भव/उत्पत्ति) Indus Valley civilization in hindi | 3 Important topics

Origin of harappan civilization : पाषाण युग की समाप्ति के बाद धातुओं के प्रयोग का युग प्रारम्भ हुआ। सबसे पहले मनुष्य ने तांबे का प्रयोग किया, फिर काँसा तथा अन्ततः लोहा प्रयोग में लाया कोटा गया। किन्तु पाषाण उपकरणों का प्रयोग पूर्णतया बन्द नहीं हुआ तथा लम्बे समय तक मनुष्य ने ताँबे तथा पत्थर के … Read more

Harappan civilization (हड़प्पा सभ्यता) Indus valley civilization (सिंधु घाटी सभ्यता) हड़प्पा संस्कृति | Harappan culture | Best & latest जानकारियां

हड़प्पा सभ्यता मूलतः एक नगरीय सभ्यता थी। यह सभ्यता 2500 ई.पू. के आस पास अपनी पूर्ण विकसित अवस्था में प्रकट होती है। सिन्धु एवं उसकी सहायक नदियों की घाटियों में इस भारतीय बहुचर्चित कांस्य सभ्यता का विकास हुआ।

Puratatvik srot (पुरातात्विक स्रोत) ऐतिहासिक स्रोत | पुरातत्व की परिभाषा (11 Best Definitions of archaeology)

पुरातत्व एक अध्ययन की शाखा है। जिसमें हम अतीत की सामग्रियों (जैसे- पुरातात्विक अवशेष भावनावशेष ,  मंदिर , मृदभांड , मुद्राएं , स्तंभ आदि का ) अध्ययन कर इतिहास बोध , इतिहास प्रमाणन तथा इतिहास का पुनर्निर्माण भी करते हैं।” जहा सहित्य मौन है वहाँ हमारी सहायता पुरातात्विक साक्ष्य (Puratatvik srot) करते हैं।

विदेशी विवरण (Videshi vivaran) ऐतिहासिक स्रोत (Historical sources)

इतिहास जानने के अनेक स्रोतों (Historical sources) में से विदेशी विवरण (Videshi vivran) का विशेष महत्व है। विदेशी विवरण: Videshi vivran भारतीय साहित्य के अतिरिक्त समय समय पर भारत में आने वाले विदेशी यात्रियों के विवरण (Videshi yatriyon ka vivaran) से इतिहास जानने के पर्याप्त मदद मिलती है।  समय समय पर अनेक विदेशियों ने जनश्रुतियों अथवा … Read more

साहित्यिक स्रोत | Sahityik srot in hindi | Historical sources (ऐतिहासिक स्रोत) इतिहास जानने के स्रोत(साहित्यिक स्रोत)

श्रेष्ठतम भारत वर्ष का प्राचीन इतिहास बहुत ही गौरव पूर्ण रहा है। परन्तु अभाग्य से हमें अपने प्राचीन इतिहास के पुनर्रचना के लिए पूर्णतः विशुध्द इतिहास की सहायक सामग्री विदेशों की अपेक्षा अति अल्प मात्रा में उपलब्ध हो पाती है। ऐतिहासिक स्रोत

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